Supreme Court Big Update : सुप्रीम कोर्ट ने बताया अनुकंपा के आधार पर नौकरी अधिकार नहीं बल्कि रियायत है ,जानिए क्या कहा।

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अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा टिप्पणी:

दरअसल आपको बता दूं कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी मामले को लेकर एक बड़ी अपडेट दी है उन्होंने एक मामले में सुनवाई करते हुए बताया कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी पर नियुक्ति कोई अधिकार नहीं बल्कि रियायत है इसके बाद उन्होंने बताया कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाना इसका उद्देश्य है कि प्रभावित परिवार को अचानक आए संकट से उबारने में मदद मिलना।

 

आपको बता दूं कि सुप्रीम कोर्ट ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के मामले को लेकर केरल उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के फैसले को रद्द कर दिया है आपको बता दूं की खंडपीठ के फैसले में एकल न्यायाधीश के उस फैसले की पुष्टि की गई थी जिसमें फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड और अन्य को अनुकंपा के आधार पर एक महिला की नियुक्ति के मामले में विचार करने का निर्देश दिया गया था।

अनुकंपा पर नौकरी एक रियायत है ना कि अधिकार : सुप्रीम कोर्ट

आपको बता दूं कि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति एम आर सा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने यह निर्णय लेते हुए कहा कि महिला के पिता फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड में कार्यरत है और ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु अप्रैल 1995 में हो गई थी पीठ ने यह बताया कि मृत्यु के समय उनकी पत्नी नौकरी कर रही थी इसलिए याचिका अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र नहीं है इसके साथ ही बताया कि कर्मचारी की मृत्यु के 24 साल बाद प्रतिवादी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की हकदार नहीं हो सकती है।

आपको बता दूं कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर को अपने आदेश में बताया कि मृतक कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति इन मापदंडों का अपवाद है अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति एक रियायत है ना कि यह अधिकार है अर्थात सुप्रीम कोर्ट ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी को अधिकार नहीं मानते हुए सिर्फ एक रियायत माना है।